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राजनीति में पद व प्रतिष्ठा के लिए नही जनसेवा के लिए आई हूँ


ईद और दीवाली के त्यौहार आपसी भाईचारे के प्रतीक, सभापा अध्यक्ष ने दी ईद की मुबारकबाद

भिवानी :- समस्त भारतीय पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष एंव भिवानी विधानसभा प्रत्याशी श्रीमती नीलम अग्रवाल ने अपने ग्रामीण जनसम्पर्क अभियान के दौरान गाँव फुलपूरा में एक नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राजनेता राजनीति को स्वार्थपूर्ति का धंधा समझते है और व्यापार का कैंद्र बनाकर अपने पद व प्रतिष्ठा का गलत इस्तेमाल करते हैं। स.भा.पा. का मानना है कि राजनीति तो समाज सेवा का सबसे बड़ा माध्यम हैं। राजनीति दूषित नही है बल्कि गलत सोच के लोगो ने इसे दूषित बना दिया हैं और इसीलिए राजनीति में कुशल व ईमानदार लोगो की आवश्यकता हैं। श्रीमती अग्रवाल ने कहा कि मैं राजनीति में नाम, पद व प्रतिष्ठा पाने के लिए नही बल्कि जनसेवा के लिए आई हूँ। क्योंकि सामाजिक तौर पर मैं अकेले जिन कार्यो को कर सकती हूँ, कलम की ताकत मिलने के बाद उनको मैं कई गुणा कर सकती हूँ। हमारा उद्देश्य विकास के मामले में पिछड़ चुके इस क्षेत्र को विकसित करना है और जिन मूलभूत सुविधाओं के लिए जनता आज तक तरस रही है उन्हें हर हाल में लोगो को मुहैया करवाना हैं। असल में जनप्रतिनिधि वही होता है जो जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करवा सके। लेकिन दुर्भाग्य देखिए केवल चुनावो के समय ही नेताओ को जनता की समस्याऐं याद आती हैं। श्रीमती नीलम अग्रवाल ने जनता से अपील की कि आने वाले पाँच सालो के लिए जनता सही नेता का चुनाव करे ताकि आने वाले भविष्य को सुधारा जा सके। श्रीमती अग्रवाल ने ग्रामीणो को ये विश्वास दिलाया की मौका मिलने पर प्राथमिकता के आधार पर सार्वजनिक कार्यो को जल्द से जल्द करवाया जाऐगा। इस पूर्व स.भा.पा. प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अग्रवाल ईद की मुबारकबाद देने भिवानी की एम.सी. कॉलोनी स्थित ईदगाह में पहुँची और मुसलमान भाईयों को मुबारकबाद देते हुए कहा कि ईद व दीवाली के त्यौहार आपसी भाईचारे के प्रतीक है। ईद का मुबारकबाद दिन हर मुसलमान भाई के परिवार के लिए अहम होता हैं। उन्होंने कामना की कि समाज का हर वर्ग एक साथ मिलकर प्रदेश व देश की तरक्की के लिए काम करे ताकि हर वर्ग खुशहाल हो सके। इस अवसर पर अनवर खुर्शीद, इमरान खान, हाफिज अली, शनोवर अली, यासीन खान, जोरवर अली, हनीफ अली, जगदीश, जाकिर, हबीबुर रहमान, तैयब, रोशन अली, उमेद अली, नसीरूदीन, शततार, अजीत अली, अली खान, मोहम्मद अली, अनवर, इस्लाम के अलावा हजारों की संख्या में मुसलमान भाई उपस्थित थे।

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